
'बांग्लादेश में अत्याचार पर चुप थे, अब जज्बाती प्रदर्शन', भोपाल में ईद पर मुस्लिमों ने बांधी काली पट्टी, MP के मंत्री ने कसा तंज
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MP सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, जब पाकिस्तान ने पुलवामा में हमला किया, तब काली पट्टी नहीं बांधी गई. बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हुआ, तब भी चुप्पी रही. मुंबई में आतंकवादी हमला हुआ, तब भी ये लोग खामोश थे.
ईद की नमाज के दौरान वक्फ बिल के खिलाफ काली पट्टी पहनकर विरोध करने वालों पर मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने तीखा हमला बोला. उन्होंने इसे "जज्बाती माहौल बनाने की कोशिश" करार दिया और कहा कि यह प्रदर्शन देश को तोड़ने वाली मानसिकता को दर्शाता है.
मंत्री सारंग ने कहा, "वक्फ कानून को बिना पढ़े, सिर्फ भावनाएं भड़काने के लिए ऐसा विरोध किया जा रहा है. जब पाकिस्तान ने पुलवामा में हमला किया, तब काली पट्टी नहीं बांधी गई. बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हुआ, तब भी चुप्पी रही. मुंबई में आतंकवादी हमला हुआ, तब भी ये लोग खामोश थे. मुझे आश्चर्य है कि यह मानसिकता कांग्रेस और ओवैसी की है."
उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ संपत्ति पर कुछ मौकापरस्त मुस्लिम नेताओं का कब्जा है और सरकार गरीब मुसलमानों को उनका हक दिलाना चाहती है, लेकिन उन्हें गुमराह किया जा रहा है.
मंत्री ने आगे कहा, "मुझे अच्छा लगता अगर यह काली पट्टी पुलवामा हमले के वक्त बांधी जाती. देश में नफरत फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यह शुरुआत कहां से हुई? 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' का नारा देकर प्रियंका गांधी ने फिलिस्तीन के समर्थन में बैग लेकर प्रदर्शन किया था. कांग्रेस और विपक्ष तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं. बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार होता है, तब प्रियंका दीदी को बोलने की हिम्मत नहीं होती."
सारंग ने चेतावनी दी, "ईद पर बैनर और नफरत फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी. जो लोग हिंदुस्तान का खाते हैं, उन्हें हिंदुस्तान के बारे में सोचना चाहिए."
यह बयान भोपाल में ईद की नमाज के बाद फिलिस्तीन समर्थन और वक्फ बिल विरोध में पोस्टर लहराने की घटना के बाद आया है. उनके बयान ने सियासी विवाद को हवा दे दी है.

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