स्वर्ण मंदिर में क्या हुआ था, कैसे अंदर घुसा शख्स, क्यों जताई जा रही साजिश की आशंका?
AajTak
Golden temple sacrilege case: डीसीपी रामपाल सिंह के अनुसार भीड़ के शिकार युवक की मौत हो गई. युवक के शव को सिविल अस्पताल भेजा गया है उसकी उम्र 24-25 साल की है. एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार युवक उत्तर प्रदेश का रहने वाला है. यह घटना उस समय हुई जब वह गर्भगृह के अंदर गोल्डन ग्रिल पार कूद गया, उसने तलवार उठाई और उस स्थान के पास पहुंचा जहां एक ग्रंथी पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ कर रहे थे.
सिखों के सबसे पवित्र स्थलों में से एक अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में शनिवार की घटना के बाद सभी स्तब्ध हैं. सभी राजनीतिक दलों ने एक स्वर में इस घटना की निंदा की है. पंजाब चुनाव से पहले इस घटना ने राज्य का सियासी और धार्मिक माहौल गर्म कर दिया है.
NCP के प्रवक्ता महेश चव्हाण ने हाल ही में EVM पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति EVM पर संदेह नहीं कर रहा है, तो वो राजनीति छोड़ देंगे. उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीतिक विश्लेषक आशुतोष से चर्चा करते हुए EVM के हैक होने की संभावना को लेकर भी बातें कीं. आशुतोष ने इस संबंध में महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए. EVM की सुरक्षा और पारदर्शिता पर इस चर्चा से राजनीतिक गलियारों में नई हलचल देखने को मिल रही है.
हिंदू सेना के विष्णु गुप्ता ने अजमेर में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को हिंदू पूजा स्थल होने की याचिका कोर्ट में दायर की थी. याचिका पर बुधवार को अजमेर पश्चिम सिविल जज सीनियर डिविजन मनमोहन चंदेल की कोर्ट ने सुनवाई की. इस दौरान वादी विष्णु गुप्ता के वाद पर न्यायाधीश मनमोहन चंदेल ने संज्ञान लेते हुए दरगाह कमेटी ,अल्पसंख्यक मामलात व एएसआई को समन नोटिस जारी करने के निर्देश दिए.
कुछ तो मजबूरियां रही होंगी , वरना एकनाथ शिंदे यूं ही नहीं छोड़ने वाले थे महाराष्ट्र के सीएम की कुर्सी का मोह. जिस तरह एकनाथ शिंदे ने सीएम पद के लिए अचानक आज सरेंडर किया वह यू्ं ही नहीं है. उसके पीछे उनकी 3 राजनीतिक मजबूरियां तो स्पष्ट दिखाई देती हैं. यह अच्छा है कि समय रहते ही उन्होंने अपना भविष्य देख लिया.
उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) सरकार ने कार्यालय में 45 दिन पूरे कर लिए हैं, मुख्यमंत्री, मंत्री अभी भी अपने अधिकार, विभिन्न विभागों के कामकाज के संचालन के लिए निर्णय लेने की शक्तियों से अनभिज्ञ हैं, शासन की संरचना पर स्पष्टता लाने के लिए, गृह मंत्रालय जल्द ही जम्मू-कश्मीर में निर्वाचित सरकार की शक्तियों को परिभाषित करेगा.