
हिमाचल के मणिकर्ण में भूस्खलन से बड़ा हादसा... 3 महिलाओं समेत 6 की मौत, कई घायल
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मणिकर्ण में एक भीषण भूस्खलन हुआ, जिसमें 6 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं. हादसा गुरुद्वारा मणिकर्ण साहिब के पास हुआ, जब अचानक एक बड़ा पेड़ भूस्खलन के साथ गिर पड़ा, जिससे सड़क किनारे बैठे लोग इसकी चपेट में आ गए.
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मणिकर्ण में एक भीषण भूस्खलन हुआ, जिसमें 6 लोगों (3 महिला और 3 पुरुष) की मौके पर मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं. हादसा करीब 5 बजे हुआ, जब गुरुद्वारे के सामने कई लोग सड़क किनारे बैठे हुए थे. भूस्खलन के दौरान पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरा, इसी के साथ एक पेड़ भी नीचे आ गिरा. इसकी चपेट में कई लोग आ गए.
जानकारी के मुताबिक सड़क किनारे खड़े रेहड़ी संचालक, एक सूमो सवार और तीन पर्यटकों की मौके पर ही मौत हो गई है. हादसे में जान गंवाने वालों की शिनाख्त की जा रही है. घटनास्थल पर रेस्क्यू टीम पहुंच गई है.
कूल्लू के एडीएम अश्विनी कुमार ने बताया कि हादसे में 6 लोगों की जान गई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया है., प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है.
मणिकर्ण SHO के नेतृत्व में पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है. जो रेस्क्यू ऑपरेशन में कॉर्डिनेट कर रही है. क्षेत्रीय राजस्व एजेंसी भी मौके पर हैं, जो स्थिति का आकलन कर रही हैं. जरी से फायर ब्रिगेड घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है. डॉक्टरों की एक टीम के साथ बीएमओ जरी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं.

लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर बहस में भाग लेते हुए टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि केंद्र सरकार को इस अधिनियम के तहत नियम बनाते समय राज्यों को वक्फ बोर्ड की संरचना तय करने की स्वतंत्रता देने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार मुस्लिम महिलाओं, युवाओं और समाज के वंचित तबके के हित में राज्यों को यह अधिकार देने के सुझाव पर गंभीरता से विचार करेगी.

वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में चर्चा हुई. भाजपा ने दावा किया कि विपक्ष मुस्लिम समाज में भ्रम फैला रहा है, जबकि नया बिल पारदर्शिता लाएगा और भ्रष्टाचार रोकेगा. जेडीयू और टीडीपी ने बिल का समर्थन किया, जबकि शिवसेना ने विरोध किया. पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राजीव गांधी शाहबानो मामले में झुके और उसके बाद से कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला.

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