
म्यांमार में फिर आया भूकंप, 5.1 तीव्रता, कल से अब तक 3 बार हिली धरती
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म्यांमार में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.1 मापी गई है, जिससे कई इलाकों में दहशत का माहौल बन गया. कल भी म्यांमार में दो बार भूकंप के झटके आए थे, जिससे भारी तबाही हुई थी. लगातार आ रहे झटकों के कारण लोग सहमे हुए हैं और कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल है.
म्यांमार में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.1 मापी गई है, जिससे कई इलाकों में दहशत का माहौल बन गया और इसका केंद्र राजधानी नेपीडॉ के पास बताया जा रहा है.
कल भी म्यांमार में दो बार भूकंप के झटके आए थे, जिससे भारी तबाही हुई थी. लगातार आ रहे झटकों के कारण लोग सहमे हुए हैं और कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल है.
हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन सतर्क हो गया है और हालात पर नजर बनाए हुए है.
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ म्यांमार में भूकंप से प्रभावित इलाकों में भारत ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के सीनियर जनरल एच.ई. मिन आंग ह्लाइंग से बात कर संवेदना प्रकट की और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए #OperationBrahma के तहत मदद भेजने की जानकारी दी. भारत की ओर से आपदा राहत सामग्री, मानवीय सहायता और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं.
म्यांमार में शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद से रह-रहकर झटके महसूस हुए थे. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, शुक्रवार रात 11:56 बजे (स्थानीय समयानुसार) म्यांमार में रिक्टर पैमाने पर 4.2 तीव्रता का एक और भूकंप आया. एनसीएस के अनुसार, नवीनतम भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था, जिससे इसके बाद झटके आने की आशंका बनी हुई है. वहां भूकंप से भारी तबाही हुई है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, अब तक 1002 लोगों की मौत हो चुकी है और 1670 जख्मी हैं.
वहीं अफगानिस्तान में भी शनिवार सुबह 5:16 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए. जमीन से 180 किमी की गहराई में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.7 मापी गई. अभी तक किसी तरह के नुकसान या जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. यह भूकंप म्यांमार और थाईलैंड में आए शक्तिशाली भूकंप के एक दिन बाद आया है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए और इमारतें, बौद्ध स्तूप, सड़कें और पुल बुरी तरह नष्ट हो गए.

लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर बहस में भाग लेते हुए टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि केंद्र सरकार को इस अधिनियम के तहत नियम बनाते समय राज्यों को वक्फ बोर्ड की संरचना तय करने की स्वतंत्रता देने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार मुस्लिम महिलाओं, युवाओं और समाज के वंचित तबके के हित में राज्यों को यह अधिकार देने के सुझाव पर गंभीरता से विचार करेगी.

वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में चर्चा हुई. भाजपा ने दावा किया कि विपक्ष मुस्लिम समाज में भ्रम फैला रहा है, जबकि नया बिल पारदर्शिता लाएगा और भ्रष्टाचार रोकेगा. जेडीयू और टीडीपी ने बिल का समर्थन किया, जबकि शिवसेना ने विरोध किया. पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राजीव गांधी शाहबानो मामले में झुके और उसके बाद से कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला.

अमित शाह ने कई सदस्यों की ओर से सदन में कही गई बातें कोट कीं और कहा कि पारदर्शिता से क्यों डरना है. आपने तो कर दिया था कि उसके ऑर्डर को कोर्ट में कोई चैलेंज ही नहीं कर सकता. पूरा संविधान वहीं समाप्त कर दिया था. हम तो कहते हैं कि कोर्ट में कोई भी चैलेंज कर सकता है. कोर्ट के फोरम से बाहर करने का पाप कांग्रेस ने किया था.

वक्फ बिल पर अमित शाह ने कहा कि अल्पसंख्यक कानून से ऊपर नहीं हैं. यहां कोई कह रहा था अल्पसंख्यक मुसलमान इस कानून को नहीं मानेंगे. कानून को स्वीकार नहीं करेंगे मतलब क्या है, ऐसा कोई बोल भी कैसे सकता है? कैसे नहीं मानेंगे भाई, ये संसद में पास किया हुआ भारत सरकार का कानून है, मानना ही पड़ेगा. देखिए VIDEO

सरकार वक्फ़ कानून में संशोधन लाई है जिसमें वक्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा और प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के प्रावधान हैं. इस बिल के तहत वक्फ़ बोर्ड का योगदान 7% से घटाकर 5% किया गया है, जबकि मस्जिदों के लिए 2% बढ़ाया गया है. नए कानून में मुस्लिम ट्रस्टों को वक्फ़ के बजाय ट्रस्ट एक्ट के तहत पंजीकरण की अनुमति दी गई है.