
भूकंप से तबाही, म्यांमार के जनरल से बोले PM मोदी-मुश्किल घड़ी में मजबूती के साथ खड़ा भारत
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म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं. भारत ने इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है. भारतीय अधिकारियों ने म्यांमार के वरिष्ठ जनरल एच.ई. मिन आंग ह्लाइंग से बातचीत कर गहरी संवेदना प्रकट की और सहायता भेजने की जानकारी दी. भारत ने पड़ोसी और करीबी मित्र के रूप में म्यांमार के साथ एकजुटता जताई है.
म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं. भारत ने इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने म्यांमार के सीनियर जनरल एच.ई. मिन आंग ह्लाइंग से बातचीत की है.
प्रधानमंत्री ने विनाशकारी भूकंप में हुए जानमाल के नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत एक करीबी मित्र और पड़ोसी के रूप में इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है. #OperationBrahma के तहत आपदा राहत सामग्री, मानवीय सहायता, खोज और बचाव दल तेजी से प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जा रहे हैं.
#OperationBrahma के तहत राहत अभियान शुरू
भारत ने तेजी से मदद पहुंचाने के लिए #OperationBrahma के तहत आपदा राहत सामग्री, मानवीय सहायता, खोज एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में भेज दिए हैं. राहत अभियान में भारतीय टीमें सक्रिय रूप से काम करेंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके और जरूरी मदद दी जा सके. इस त्रासदी के बाद दोनों देशों के बीच समन्वय लगातार बना हुआ है, और भारत हरसंभव सहायता के लिए तत्पर है.
म्यांमार में शुक्रवार को आए 7.7 और 6.4 तीव्रता के दो लगातार भूकंपों पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देश और थाईलैंड से संपर्क किया, सहायता का आश्वासन दिया और सभी की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना की.
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूं. सभी की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं. भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है. इस संबंध में, हमने अपने अधिकारियों को तैयार रहने को कहा है. साथ ही विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के साथ संपर्क में रहने को कहा है.

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