
छत्तीसगढ़: सुकमा-बीजापुर में मारे गए 17 नक्सली, 25 लाख का इनामी बुधरा भी ढेर
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छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर में सुरक्षाबलों ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 18 नक्सलियों को मार गिराया, जिनमें 11 महिलाएं शामिल हैं. सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच सुबह 8 बजे मुठभेड़ शुरू हुई. इसमें 17 नक्सलियों को मार गिराया गया. मारे गए नक्सलियों में विशेष जोनल कमेटी सदस्य और दरभा डिवीजन के सचिव कुडामी जगदीश उर्फ बुधरा भी शामिल है.
छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिलों में शनिवार को सुरक्षाबलों ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 17 नक्सलियों को मार गिराया, जिनमें 11 महिलाएं शामिल हैं. यह कार्रवाई केंद्र और राज्य सरकार की नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक खत्म करने की रणनीति के तहत की गई है.
सुकमा में 17 नक्सली ढेर
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच सुबह 8 बजे मुठभेड़ शुरू हुई. इसमें 17 नक्सलियों को मार गिराया गया. मारे गए नक्सलियों में विशेष जोनल कमेटी सदस्य और दरभा डिवीजन के सचिव कुडामी जगदीश उर्फ बुधरा भी शामिल है, जिस पर 25 लाख रुपये का इनाम था.
जगदीश 2013 में झीरम घाटी हमले समेत कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड था. इसके अलावा मारे गए नक्सलियों में चार एरिया कमेटी सदस्य भी शामिल हैं. बीजापुर जिले के नरसापुर-टेकामेटला गांव के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई. इसमें एक नक्सली मारा गया और एक हथियार बरामद किया गया.
चार जवान घायल, हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
इस ऑपरेशन में तीन जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और एक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से एके-47 राइफल, एसएलआर, INSAS राइफल, .303 राइफल, रॉकेट लॉन्चर, बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL) और अन्य विस्फोटक सामग्रियां बरामद की हैं.

लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर बहस में भाग लेते हुए टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि केंद्र सरकार को इस अधिनियम के तहत नियम बनाते समय राज्यों को वक्फ बोर्ड की संरचना तय करने की स्वतंत्रता देने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार मुस्लिम महिलाओं, युवाओं और समाज के वंचित तबके के हित में राज्यों को यह अधिकार देने के सुझाव पर गंभीरता से विचार करेगी.

वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में चर्चा हुई. भाजपा ने दावा किया कि विपक्ष मुस्लिम समाज में भ्रम फैला रहा है, जबकि नया बिल पारदर्शिता लाएगा और भ्रष्टाचार रोकेगा. जेडीयू और टीडीपी ने बिल का समर्थन किया, जबकि शिवसेना ने विरोध किया. पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राजीव गांधी शाहबानो मामले में झुके और उसके बाद से कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला.

अमित शाह ने कई सदस्यों की ओर से सदन में कही गई बातें कोट कीं और कहा कि पारदर्शिता से क्यों डरना है. आपने तो कर दिया था कि उसके ऑर्डर को कोर्ट में कोई चैलेंज ही नहीं कर सकता. पूरा संविधान वहीं समाप्त कर दिया था. हम तो कहते हैं कि कोर्ट में कोई भी चैलेंज कर सकता है. कोर्ट के फोरम से बाहर करने का पाप कांग्रेस ने किया था.

वक्फ बिल पर अमित शाह ने कहा कि अल्पसंख्यक कानून से ऊपर नहीं हैं. यहां कोई कह रहा था अल्पसंख्यक मुसलमान इस कानून को नहीं मानेंगे. कानून को स्वीकार नहीं करेंगे मतलब क्या है, ऐसा कोई बोल भी कैसे सकता है? कैसे नहीं मानेंगे भाई, ये संसद में पास किया हुआ भारत सरकार का कानून है, मानना ही पड़ेगा. देखिए VIDEO

सरकार वक्फ़ कानून में संशोधन लाई है जिसमें वक्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा और प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के प्रावधान हैं. इस बिल के तहत वक्फ़ बोर्ड का योगदान 7% से घटाकर 5% किया गया है, जबकि मस्जिदों के लिए 2% बढ़ाया गया है. नए कानून में मुस्लिम ट्रस्टों को वक्फ़ के बजाय ट्रस्ट एक्ट के तहत पंजीकरण की अनुमति दी गई है.