
म्यांमार में जारी खूनी खेल, चीनी फैक्ट्री में आग के बाद सेना ने प्रदर्शनकारियों को भूना, 70 मरे
AajTak
गोलीकांड में 51 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, बीते 6 हफ्ते से जारी प्रदर्शन का ये अबतक का सबसे खतरनाक एक्शन रहा. यंगून की गोलीबारी में 51 लोगों की जान गई, तो उससे अलग-अलग शहरों में भी 12 लोग रविवार को ही अपनी जान गंवा बैठे.
म्यांमार में तख्तापलट होने के बाद से ही हालात बेकाबू बो गए हैं. रविवार को यंगून इलाके में प्रदर्शनकारियों के द्वारा एक चाइनीज़ फैक्ट्री को आग लगा दी गई, जिसके बाद म्यांमार की सेना ने खुलेआम गोलियां बरसाईं. इस गोलीकांड में 51 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, बीते 6 हफ्ते से जारी प्रदर्शन का ये अबतक का सबसे खतरनाक एक्शन रहा. यंगून की गोलीबारी में 51 लोगों की जान गई, तो उससे अलग-अलग शहरों में भी 12 लोग रविवार को ही अपनी जान गंवा बैठे. म्यांमार के एक संगठन के मुताबिक, अभी तक के प्रदर्शन में मारे गए लोगों की संख्या 125 का आंकड़ा पार कर चुकी है. जानकारों की मानें तो अभी म्यांमार में प्रदर्शनकारियों की मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है. क्योंकि अभी भी कई जगह ऐसी हैं, जहां लाशें पड़ी हैं लेकिन उनकी सुध नहीं ली गई है. म्यांमार में जारी इस खूनी खेल को लेकर दुनिया लगातार चिंता में हैं. रविवार की घटना के बाद ब्रिटिश सरकार ने चिंता व्यक्त की है, तो वहीं संयुक्त राष्ट्र की ओर से भी अपील की गई है कि म्यामांर की सेना को तुरंत सत्ता वापस चुनी हुई सरकार को सौंप देनी चाहिए. आपको बता दें कि म्यांमार में एक फरवरी को सेना ने तख्तापलट कर दिया था. और म्यांमार की चुनी हुई सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया. आंग सान सू की समेत कई बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया और उनकी आवाज़ दबा दी गई. इसी के बाद से ही म्यांमार की सड़कों पर प्रदर्शन हो रहा है और लोग आंग सान सू की को रिहा करने की मांग कर रहे हैं. हालांकि, बीते कुछ दिनों में सेना ने आक्रामक रुख अपनाया है और प्रदर्शनकारियों पर खुलेआम गोलियां चलाई जा रही हैं. साथ ही सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने पर भी एक्शन हो रहा है. जानकारी के मुताबिक, अभी तक म्यांमार के प्रदर्शन में कुल 2156 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने गुरुवार को बलूचिस्तान के दौरे पर पहुंचे हैं, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की. पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उसने रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया है तो दूसरी ओर बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का कहना है कि ISPR द्वारा किए गए दावे झूठे हैं और पाक हार को छिपाने की नाकाम कोशिश कर रहा है.

पाकिस्तान द्वारा बलूचिस्तान पर जबरन कब्जे के बाद से बलूच लोग आंदोलन कर रहे हैं. पाकिस्तानी सेना ने पांच बड़े सैन्य अभियान चलाए, लेकिन बलूच लोगों का हौसला नहीं टूटा. बलूच नेता का कहना है कि यह दो देशों का मामला है, पाकिस्तान का आंतरिक मुद्दा नहीं. महिलाओं और युवाओं पर पाकिस्तानी सेना के अत्याचार से आजादी की मांग तेज हुई है. देखें.