
पाकिस्तान में 2 महीने बाद होंगे आम चुनाव, बिलावल PM तो जरदारी होंगे राष्ट्रपति कैंडिडेट
AajTak
पीपीपी के सूचना सचिव फैसल करीम कुंडी ने कहा कि बिलावल भुट्टो प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे और हमारी इच्छा होगी कि हम 2008 को फिर से दोहराएं और आसिफ जरदारी को राष्ट्रपति बनाएं. 68 वर्षीय जरदारी 2008 में हुए चुनावों के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति बने थे.
पाकिस्तान में अगले साल आम चुनाव होने हैं. इसे लेकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने ऐलान किया है कि पार्टी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी 8 फरवरी को होने वाले आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. उनके पिता आसिफ अली जरदारी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे.
यह घोषणा तब हुई है, जब पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज पार्टी (PML-N) ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि पार्टी प्रमुख और तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ PM पद के लिए उम्मीदवार होंगे.
पीपीपी के सूचना सचिव फैसल करीम कुंडी ने कहा कि बिलावल भुट्टो प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे और हमारी इच्छा होगी कि हम 2008 को फिर से दोहराएं और आसिफ जरदारी को राष्ट्रपति बनाएं. 68 वर्षीय जरदारी 2008 में हुए चुनावों के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति बने थे वह 2013 तक इस पद पर रहे थे. जबकि 35 वर्षीय बिलावल भुट्टो अप्रैल 2022 से अगस्त 2023 तक विदेश मंत्री के पद पर रहे थे. करीम कुंडी ने कहा कि चुनाव 8 फरवरी से आगे नहीं बढ़ने चाहिए. साथ ही कहा कि पीपीपी चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है.
पिछले दिनों पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा था कि देश का अगला प्रधानमंत्री लाहौर से नहीं होगा. माना जा रहा था कि ऐसा कहकर उन्होंने नवाज शरीफ पर निशाना साधा था, जो लाहौर के रहने वाले हैं. पाकिस्तान में चुनाव से पहले समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. बिलावल ने एक तरफ संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी अगले साल अपने दम पर चुनाव लड़ेगी. उनकी पार्टी पीपीपी को चुनाव में जीत हासिल करने के लिए किसी और की मदद लेने की जरूरत नहीं है.
बता दें कि पाकिस्तान एक बहुदलीय संसदीय लोकतंत्र है. प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का चुनाव किसी पार्टी द्वारा जीती गई सीटों की संख्या के आधार पर अप्रत्यक्ष होता है. प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति का नामांकन मतदाताओं को यह जानने में मदद करता है कि कौन पीएम और राष्ट्रपति पद की रेस में है.

पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने गुरुवार को बलूचिस्तान के दौरे पर पहुंचे हैं, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की. पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उसने रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया है तो दूसरी ओर बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का कहना है कि ISPR द्वारा किए गए दावे झूठे हैं और पाक हार को छिपाने की नाकाम कोशिश कर रहा है.

पाकिस्तान द्वारा बलूचिस्तान पर जबरन कब्जे के बाद से बलूच लोग आंदोलन कर रहे हैं. पाकिस्तानी सेना ने पांच बड़े सैन्य अभियान चलाए, लेकिन बलूच लोगों का हौसला नहीं टूटा. बलूच नेता का कहना है कि यह दो देशों का मामला है, पाकिस्तान का आंतरिक मुद्दा नहीं. महिलाओं और युवाओं पर पाकिस्तानी सेना के अत्याचार से आजादी की मांग तेज हुई है. देखें.