
क्या नागपुर दंगों के पीछे है बांग्लादेशी कनेक्शन? स्पेशल रिपोर्ट में देखें
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नागपुर में हिंसा हुई लेकिन हिंसा के तार अब सरहद पार से जुड़ रहे हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि नागपुर में दंगा भड़काने के बाद देश के कई हिस्सों में हिंदू-मुस्लिम दंगे की साजिश थी. खुलासा हुआ है कि बांग्लादेश में बैठे-बैठे नागपुर को हिंसा भड़काई गई. हिंसा भड़काने के लिए सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया. देखें स्पेशल रिपोर्ट.

भारत में लाशों को छुपाने और ठिकाने लगाने के लिए रोजमर्रा की चीजों का इस्तेमाल बढ़ रहा है. तंदूर, कुकर, बैग, बेड बॉक्स, ईंट की भट्टी, सेप्टिक टैंक, दीवार, ताबूत और फ्रिज जैसी चीजों में लाशें छुपाई जा रही हैं. देखें देश में हुए ऐसे संगीन मामले, जिनमें मोहब्बत की लाश छिपाने के लिए सबसे अजीबोगरीब ठिकाने अपनाए गए.

गुजरात में सख्त शराबबंदी होने के बावजूद अवैध शराब तस्करी का खेल जारी है. पुलिस और आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 करोड़ 40 लाख से अधिक मूल्य की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की थी. प्रशासन ने इस शराब को सड़क पर लाकर रोड रोलर से नष्ट कर दिया, जिससे शराब माफियाओं को कड़ा संदेश दिया गया कि राज्य में अवैध कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Battle of Khanwa: बाबर के कमांडर और सरदार चाहते थे कि पानीपत जीता जा चुका था. सोना और हीरा लूटा जा चुका अब समय अपने वतन लौटने का था. 2000 सालों से हिन्दुस्तान फतह करने के लिए निकले राजा-लुटेरे ऐसा ही तो करते आए थे. लेकिन उज्बेक सरदार बाबर कोई तैमूर थोड़े ही था, जो विजय पाकर वापस चला जाता. उसने निर्वासन में भारत को अपना घर बनाने का निश्चय किया

राज्यसभा में BJP सांसद राधामोहन दास ने खड़गे पर राणा सांगा को दलित समाज से जोड़कर राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया. सत्ता पक्ष ने कहा कि जब तक विवादित बयान देने वाले सांसद और कांग्रेस पार्टी माफी नहीं मांगेगी, तब तक इस मामले पर समझौता नहीं होगा. साथ ही डॉ अंबेडकर के कांग्रेस विरोधी बयान का भी जिक्र किया. देखें...