![शिवराज सरकार का एक साल: सुशासन, स्थायित्व, हिंदुत्व.. जानें- किस मंत्र पर कर रहे काम](https://akm-img-a-in.tosshub.com/aajtak/images/story/202103/shivraj_0-sixteen_nine.jpg)
शिवराज सरकार का एक साल: सुशासन, स्थायित्व, हिंदुत्व.. जानें- किस मंत्र पर कर रहे काम
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मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान का मुख्यमंत्री के तौर पर यह चौथा कार्यकाल है, लेकिन इस बार की सियासी स्थिति पिछली तीन पारियों जैसी नहीं थी. यह एक कांटों भरा ताज जैसा था. इसके बावजूद शिवराज सिंह ने एक तरफ इसे टेंपरेरी से परमानेंट सरकार में तब्दील किया तो दूसरी तरफ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों के साथ-साथ बीजेपी नेताओं के साथ बैलेंस बनाए रखा.
मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की सत्ता से विदाई के बाद शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में बनी बीजेपी सरकार ने एक साल का सफर तय कर लिया है. शिवराज सिंह चौहान का मुख्यमंत्री के तौर पर यह चौथा कार्यकाल है, लेकिन इस बार की सियासी स्थिति पिछली तीन पारियों जैसी नहीं थी. यह एक कांटों भरा ताज जैसा था. इसके बावजूद शिवराज सिंह ने एक तरफ अपनी टेंपरेरी सरकार को परमानेंट सरकार में तब्दील किया तो दूसरी तरफ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों के साथ-साथ बीजेपी नेताओं के साथ बैलेंस बनाए रखा. हालांकि, इस बार शिवराज अपनी छवि से इतर हिंदुत्व की राह पर चलते नजर आए, लेकिन साथ ही उन्होंने किसानों से लेकर युवा और आदिवासी समुदाय को पूरी तरह से साधकर रखा. शिवराज सरकार की सरकार का एक साल का कार्यकाल मंगलवार को पूरा हो रहा है, लेकिन बीजेपी ने सोमवार से ही जश्न की तैयारी शुरू कर दी है. शिवराज सरकार के एक साल की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने के लिए बीजेपी 4 दिन का अभियान शुरू कर रही है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने विकास कार्यों के लिए शिवराज सरकार को 10 में से 10 अंक दिए. उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना महामारी रोकने में सफलता पाई. प्रदेश गेहूं उपार्जन में पहले, स्व-सहायता समूहों को कर्ज देने में दूसरे, जल जीवन मिशन के कार्यों में तीसरे, आत्मनिर्भर प्रदेश के मामले में दूसरे, फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों को कर्ज देने के मामले में पहले, आयुष्मान कार्ड बनाने में देश में पहले स्थान पर रहा. ऐसे ही कोरोना वॉरियर्स का टीकाकरण 86 फीसद हुआ, जो कि देश में सबसे ज्यादा है.![](/newspic/picid-1269750-20250216071535.jpg)
आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव ने कहा कि यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और मैं पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं यह रेलवे का कुप्रबंधन है जिसके कारण इतने लोगों की जान चली गई. रेल मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए, उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. कुंभ पर सवाल पूछे जाने पर पूर्व रेल मंत्री ने कहा कि 'कुंभ का क्या कोई मतलब है, फालतू है कुंभ.
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 18 लोगों की जान चली गई, जिसमें 9 महिलाएं और कई बच्चे शामिल हैं. स्टेशन पर बिखरे सामान, जूते और कपड़े इस घटना की गवाही दे रहे हैं. भगदड़ के दौरान लोग जान बचाने के लिए सीढ़ियों और एस्केलेटर पर दौड़ पड़े. प्लेटफॉर्म पर सीमित जगह के कारण स्थिति और भी भयावह हो गई. देखें वीडियो.
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ पर रेलवे का बयान सामने आया है. नॉर्दर्न रेलवे के CPRO हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, प्लेटफॉर्म 14-15 के बीच फुटओवर ब्रिज की सीढ़ियों पर एक यात्री के फिसलने से भगदड़ मच गई. उन्होंने बताया कि इस समय प्लेटफॉर्म 14 पर मगध एक्सप्रेस और प्लेटफॉर्म 15 पर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस खड़ी थी. देखें वीडियो.
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प्रयागराज में संगम स्नान के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा जाने वाली ट्रेनों में जबरदस्त दबाव देखने को मिल रहा है. हालात को संभालने के लिए RPF और GRP की टीम तैनात है, लेकिन यात्रियों की भारी भीड़ के कारण प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है.
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात हुई भगदड़ के बाद तस्वीरें सामने आई हैं. अपनी जान बचाने के लिए कई लोगों ने फुटओवर ब्रिज से प्लेटफॉर्म शेड पर छलांग लगा दी, जिससे कई यात्री घायल हो गए. भगदड़ के बाद प्लेटफॉर्म पर जूते, बैग, टूटी चप्पलें और यात्रियों का सामान बिखरा पड़ा है, जिसे अब हटाने का काम जारी है.
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) पर हुई भगदड़ के भयावह मंजर को याद कर लोगों की रूह कांप रही है. हादसे की गवाह एक महिला ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ प्रयागराज जाने के लिए निकली थीं. महिला ने कहा कि हम आधे घंटे तक दबे रहे, मेरी ननद की मौत हो गई... हम उसे उठाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मुंह से झाग आ रहा था.